माँ इंदिरा देवी को खूब खरी खोटी सुनाता है। आप लोग इतना गिर सकते हैं। माँ इंदिरा देवी को खूब खरी खोटी सुनाता है। आप लोग इतना गिर सकते हैं।
तुम उड़ो, बहुत उठो पर मर्यादा में रहकर और यह सुनकर मैं पापा से लिपट गई। तुम उड़ो, बहुत उठो पर मर्यादा में रहकर और यह सुनकर मैं पापा से लिपट गई।
काश, कोई वो मनहूस लम्हे उसकी जिंदगी के पन्नों से निकाल कर बाहर फेंक दे । काश, कोई वो मनहूस लम्हे उसकी जिंदगी के पन्नों से निकाल कर बाहर फेंक दे ।
वह युग परिवर्तन की योजना बनाने लगा। वह युग परिवर्तन की योजना बनाने लगा।
यहां पर भी पिछली बार चारों तरफ किताबों का बहुत बड़ा संग्रह था परंतु आज सब गायब। यहां पर भी पिछली बार चारों तरफ किताबों का बहुत बड़ा संग्रह था परंतु आज सब गायब।
पूर्वांचल की सोंधी खुशबू उनकी अवधी रचनाओं में महसूस की जा सकती है। पूर्वांचल की सोंधी खुशबू उनकी अवधी रचनाओं में महसूस की जा सकती है।